माह मार्च 2025 तक सभी सरकारी कार्यालयों / भवनों पर प्राथमिकता पर स्मार्ट मीटर लगाये का कार्य करने का आदेश जारी
सिर्फ 15% सरकारी कार्यालयों में लग पाए हैं स्मार्ट प्रीपेड मीटर
31 मार्च तक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो केंद्र से मिलने वाले अनुदान पर लग सकती है रोक
मीटरों का हर माह मिलान करने के ऊर्जा मंत्रालय के आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है।
AMISP योजना के अंतर्गत सरकारी कार्यालयों/भवनों पर प्राथमिकता पर स्मार्ट मीटर लगाये जाने है तथा ये कार्य प्रत्येक दशा में माह मार्च 2025 तक पूर्ण किया जाना हैं। इस सम्बन्ध में विभिन्न समीक्षा बैठकों में सरकारी कार्यालयों/भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने हेतु विशेष टीमों का गठन एवं इनकी प्रगति के निरंतर अनुश्रवण के निर्देश देने के उपरान्त भी सरकारी कार्यालयों/भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य की प्रगति अत्यन्त कम है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 31.03.2025 तक सरकारी कार्यालयों/भवनों पर स्मार्ट प्री-पेड मीटर स्थापित न हो पाने की स्थिति में भारत सरकार द्वारा आर०डी०एस०एस० योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला अनुदान (GBS) रोका जा सकता है।
अतः कृपया आप सरकारी कार्यालयों/भवनों पर स्मार्ट मीटर स्थापना की कार्य योजना बना ले तथा इसके क्रियान्वयन का गहन अनुश्रवण कर शतप्रतिशत लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करायें।
लखनऊ। प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियां बार-बार निर्देशों के बाद भी अभी तक सिर्फ 15 फीसदी सरकारी भवनों में ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा पाई हैं। ये सरकारी भवनों के बजाय घरेलू उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाने में ज्यादा रुचि ले रही हैं। इस कारण केंद्र से मिलने वाला अनुदान फंसता नजर आने लगा है।
इस पर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने सभी निगमों को 31 मार्च तक सरकारी भवनों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं पांच फीसदी चेक मीटर लगाने और पुराने व नए 2 करोड़ 59 लाख की जगह अभी सिर्फ 9.80 लाख ही मीटर लगाए जा सके हैं
पावर कॉरपोरेशन को कुल 2 करोड़ 59 लाख 57 हजार 26 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने हैं। पांच फरवरी तक करीब 9 लाख 79371 स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के परिसर में लगाए गए हैं। वहीं सरकारी भवनों व कार्यालयों में कुल एक लाख 15055 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने थे, लेकिन यह आंकड़ा सिर्फ 17440 तक ही पहुंच पाया है। यह लक्ष्य का सिर्फ 15 फीसदी है।
अब पावर कॉरपोरेशन ने 31 मार्च तक सभी कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश दिया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नए आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी विद्युत वितरण निगमों में पांच प्रतिशत पुराने मीटर को ही चेक मीटर के रूप में स्थापित करने का निर्देश दिया गया था। अभी तक 45734 चेक मीटर स्थापित किए गए हैं, लेकिन दोनों मीटरों का मिलान करने की जरूरत नहीं समझी गई। उन्होंने कॉर्पोरेशन से मांग की कि यदि मिलान किया गया है तो उससे संबंधित डाटा सार्वजनिक किया जाए।
तेजी से मीटर लगाने के लिए सख्त निर्देश
पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी सरकारी कार्यालयों/भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि एडवांस मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर योजना के तहत ये कार्य हर हाल में 31 मार्च तक पूरा करना है। उन्होंने सख्त निर्देश दिया है कि इस तारीख तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर स्थापित नहीं होने की स्थिति में केंद्र सरकार की ओर से आरडीएसएस योजना के तहत दिया जाने वाला अनुदान रोका जा सकता है। ऐसे में तय किए गए लक्ष्य के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही पूरी की जाए।